Sunday, June 4, 2017

भारत माँ की आँखों के आंसू , शहीदों के नाम लेखिका : गौरी

भारत माँ की आँखों के आंसू , शहीदों के नाम 

लेखिका : गौरी 


ऐ ! वीर , मेरे देश के जवान शहीद , तेरी राह की धूल को मै अपने माथे पर लगाती हु। 
जिस दिन से आई हु परदेस में तेरे तेज़  की दास्ताँ अपनी कलम से ब्यान करती हु। 

कैसा अंधेर छाया है, कुछ चंद नेतायो, अभिनेतायो  ने दुश्मनो से जाकर हाथ  मिलाया है।
इन खिलाड़ीयो ने ,खलनायको ने दो सिक्को  के लिए तुम्हारी शहादत को पल में भुलाया है।  
 

तुम काँटों पर चलकर  देश की रक्षा जिंदादिली से चप्पे चप्पे पर अपना खून बहाते  गये। 
भूख प्यास , गरम सर्द सह  कर बेखबर कुछ ज़ालिम देश द्रोहियो की जान भी बचाते रहे। 

चंद सिक्को की चमक में  देशद्रोही नेतायों, लालची खिलाडीयो ,कलाकारों ने बेच डाला ईमान  
इनके गलो में है फूलो के हार  और तुम्हारे  गले से उतर गयी किसी दरिन्दे की बेरहम तलवार। 

 अलख जलाया मैंने जिस सरहद पर तेरा खून बहा ,उस सरहद पर हर भारती  का है सर झुका 
 मणि शंकर आयर कायर राज -द्रोहियो ने भुलायी तुम्हारी शहादत भारत माँ को शर्मनाक किया। 

आंधीयो , तुफानो का सिलसिला है , तेरे खून से सरहद के पर्वत नदिया तेरे वीरता का संगीत है। 
बांधकर तुम चले थे कफ़न , सीना तानकर चली थी तेरी जवानी जेहलम यह बात दुहराती है। 

मेरे देश के लाल , तुम उदास मत होना, भारत माँ  की आँखों के आंसू को बहने मत देना।

इन  खिलाड़ीयो  को, नेता, अभनेता को , बुद्धि जीवो को भूले से भी कभी माफ़ ना  कर देना। 

गौरी 

मेरी इस कविता पर मेरा निजी अधिकार है।  ऐसे तोड़ फोड़ कर अपने नाम से लिखने की अनुमति नहीं है। (कापी राइट @कमलेश  चौहान (गौरी) 

 आखिर में  मेरा एक सन्देश  तुम हो हमारे भारत के असली हीरो  असली मानव  , असली वीर , तुम्ही हो हमारे गर्व , तुम्ही हो हमारा मान, ईमान , तुम्ही करोंगे  पुरे संसार  पर राज  , मोदी जी एक ऐसा कर्म  कर देना  एक एक शहीद का स्मारक कश्मीर में बना देना। 


लेखिका : गौरी 

Friday, May 12, 2017

उमर फैयाज की शहादत काबुल होगी अल्लाह की दरगाह में लेखिका : कमलेश चौहान ( गौरी)

उमर फैयाज की शहादत काबुल होगी अल्लाह की दरगाह में

लेखिका  : कमलेश चौहान ( गौरी) 



कैसे उठें होंगे उन शैतानो के हाथ एक मासूम के जिसम पर 
क्या  गुजरी होगी उसकी माँ के  दिल  जिगर दिमाग पर 

माँ की चीखें गूँजती रही  , कूंचो में , गलियों में  दीवारों में 
किसी बहिन की फ़रियाद रोती  रही इन्सानियत की भीड़ में 

तुम फरेब  से उस मासुम को फुसलाकर अपने खेमे में ले गये 
 नापाक हाथों से  उस बेगुनाह पर जुलम की गोली बरसाते गये 

जिसकी जवानी , जिसकी सूरत , मुस्कराहट इतनी मासूम सी थी 
 जिसके  सपने ,जिसकी नज़रे , जिसकी तस्वीर एक इबारत सी थी 

उमर फ़ैयाज़ तेरी शहादत काबुल होगी अल्लाह की दरगाह में 
 शैतानों के नाम का ज़िकर भी न होगा  दुनिया के इतिहास में   

उमर फैयाज एक सच्चा हिंदुस्तानी , एक सच्चा भारती , एक सच्चा मुसलमान था। 

अल्लाह इसे ज़न्नत में जगह दे ( गौरी)

Please  do not   look at this poem  as a point of religion . This young soldier of India  been abducted with  fraud   and  brutally been killed by terrorists . Silence of the human right on these abducted soldiers is shocking . When will be   Human Rights granted  for Soldiers ?? 

Saturday, April 1, 2017

जी चाहता है। लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी) Copy right at Kamlesh Chauhan (Gauri)

जी  चाहता है। 
लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी)

दिल न जाने क्यूँ  यू बैचैन  सा रहता , हर';वक़त न जाने क्यूँ उखड़ा उखड़ा सा रहता है। 

ना  सहरा में ना जंगल बीयाबान में, न झीलों में  न सागर की किनारेपर  कभी बहलता है।
 

जिस धरती  पर मेरी  तक़दीर मुझे बिना पूछे  कर्म के पंख लगाकर ले आयी थी.
 
उस माटी में  कभी मैले वस्त्रो में  कभी , बिखरे बालो में  नंगे पांव खेला करती थी

उस   कर्म धरती की  माटी को भी मैं अपने देश में मिलाने का सपना पालती थी  

कितनी पावन थी मेरी वोह माटी  ले हाथ  तिरंगे को गली गली लहराया करती थी 



बस एक ही तमन्ना है  पंछी जानवर , बच्चे बूढ़े  जवान युवो को देशप्रेम सीखा दु 

सरहद पर लड़ने वालों सैनिक  के आगे अपना सीस झुका उनके कदमो को चुम लु 


टुटे उन आतंकियो के हाथ निगोड़े ,जिन्होंने मेरे देश के वीरो पर हैं बंब और पत्थर फोड़े  

कट जाये वो जालिम  ज़ुबान , जो मेरे देश के शहीदों, रक्षको के लिये अपशब्द  है बोले । 


जी चाहता है  बदले मेरा देश , बने  फिर सोने की चिड़िया , रहे न जिन्दा कोई बेईमान  

बांध कफ़न को सर पर उठो जवानों आतंकवादियो से करो अपने भारत माँ  को आज़ाद 

जी चाहता है मेरा भारत देश बन जाये बस इतना महान , जिसमे न हो कोई शैतान आबाद  

( जिस धरती पर जनम लिया उस देश को आतंकीयो के हवाले मत करो , मेरे हिंदुस्तान में रहने वाले भाईयो, गर्मियां शुरू होने वाली है।  नाकाम पडोसी की दहशत गर्दी  खुनी हरकते शुरू होने वाली है हमारे हिमालय की और से  )

कृपया कोई भी इस कविता का कॉपीराइट है कोई भी ऐसे तोड़ मड़ोड़ कर अपना ख्याल बनाने की कोशिश न करे , धन्य वाद 

Wednesday, March 15, 2017

Friday, November 18, 2016

True story by Manish Malhotra ,an Indian MBA in U.K : Written by Ronnie Patel Copyright@Ronnie Patel

My humble request do read it fully gasped it fully & then forward it to lakhs of Indians to make aware the Indians of the dubious plan by the opposition leader to have modi killed.
Honest Confession about the bright future of India by the member who is working in the PMO about Modi’s working style, is a must read.
...
True story by Manish Malhotra ,an Indian MBA in U.K
My close family member is a key member in PMO . Let’s call him Mr A for simplicity
So Mr. A had retired in Feb 2014 and he was happily spending his time with the family. He has spent almost all his career with Congress Govt. In his daughters wedding all the array of Congress leaders had come. Kapil Sibal and Ashwini Kumar are his family friends
Now in May 2014 after Modi took over he looked at officers and did a big reshuffle. He still had major gaps to fill. So he recalled 7 officers who had retired recently based on their excellent track record.
Mr A was one of them. He was not too keen as he had post-retirement plans. However to cut the chase he was finally convinced for a year…,
He is not a fan of BJP and Modi
Then began the real drill. Life took the upward swing with an honest hard working Man who was chosen to lead India Even on Holi and Diwali days he and the entire team is with Modi. On Diwali day he came home 11 in the night. Last week he agreed to extend his contract by another year.
He said in last 44 years in Govt he has never worked so hard and so much.
He was recently telling me that he is worried the way Modi is working he may be harming his own health. Apparently many times he skips regular meals to accommodate some requests.
He is working avg 18-20 hours a day!
When I asked him why doesn’t he respond to allegations against him. He laughed and said he has reached state of self actualization. Every meeting they have, he runs through it for 30 mins and than he always ask the same question to everyone in every meeting ‘ What more can we do to make India better’ 24×7 he is on the over drive working on it.
Mr A said a recent example where they finished a meeting at 12 in the midnight and as they were walking out there were 3 groups of people waiting for him.
Coincidentally he had meeting on another topic at 8am in the morning the very next day. When they were walking in at 8am, the 3rd group from previous night was walking out.
And later he came to know from his secy that PM hasn’t slept for 36 hours !
And this is when it is business as usual and not national emergency..
Mr. A says he does not know whether Modi’s health will survive this self inflicted tough schedule or if he will even live as the plan is to kill him by the terror outfits with the indirect helping hands from an opposition leader.
However he is clear of one thing… In this 5 years he will leave a lasting legacy…
Are we supporting.......................
Everybody who is an Indian or an NRI should read this article n forward to other Indians so we have a legacy of people continuing his task and his dreams. Only then India will be a Super power in the world. There will be more within India and outside India who may NOT want Modi's dream for India to succeed. Pl support this man in the making & shaping the history of 🇮🇳.

Friday, November 4, 2016

कैलीफोर्निया में शहीदो को मिली सलामी दिवाली के पर्व पर लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी )

  कैलीफोर्निया में शहीदो को  मिली  सलामी दिवाली के पर्व पर 

लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी )



कैलिफ़ोर्निया : 

अक्सर  भारत में हमारे भाई बहन सोचते है  कि शायद विदेश में रहने वाले अपने वतन को अपनी सरे मीं को भूल गए है।  लेकिन कहते  है  अपने  जन्मभूमी को वह इन्सान  कभी नहीं भूल सकता जिसे  अपने पुर्वजो  से अच्छे संस्कार  मिले  हो।   भला कोई जन्म देने वाले माता पिता को भूल सकता है ? लेकिन कुछ लोग  जितने वतन  से दूर  होते है उतना  उनका दिल देश प्रेम में डुबा रहता है।

 भारत में हो रही  हर  घटना पर हम विदेशियो  पर  भी असर होता  है।  एक तरफ दिवाली की खुशिया मनाई जा रही थी विदेश में  दुसरी  उरी  में होने वाले  भयानक आतंकी हमले  में शहीद सैनिको की शहादत पर गर्व भी और शोक से  सब की आंख नम थी।  कब लेंगे जन्म  हमारी पावन   धरती पर  भगवान  राम और भगवन कृष्ण? ,कब  जागेगा  पूरा भारत के लोगो कादेश के लिए प्रेम। 
  
किसी ने सही कहा है कभी ख़ुशी कभी गम एक साथ साथ चलते  है।   जाने कब ख़तम होगा  पाकिस्तान के द्वारा इस आतंकवाद का दौर  एवं यह आतंकियो द्वारा  यह ज़ुल्म का खेल। 

भारतीय सेना के समर्थन में  1९  सितंबर 2016  की शाम  को  सत्रह भारतीय सैनिकों की त्या की निंदा करने के लिए  कैलिफोर्निया  के एक नोरवाक  शहर  के सनातन धर्म के  मंदिर के चारों ओर आई. ए. स  सी  जो की एक संस्था जिसे पूरा नाम  है इंडियन एसोसिएशन आफ कैलिफोर्निया दिया गया है । शहीदों को सलामी देने के लीये  ४०० लोगो ने अपने हाथो में जले चिराग लेकर अपने शहीदो के याद में आँसू लिये उनको सलामी दी गयीं। साथ बहूत सारे बचो ने, भारतीय मूल के बुजुर्गो ने   युवायो ने   पाकिस्तान के आंतकी हमले की कड़ी निदा करते हुए  , पाकिस्ता के आतंक के खिलाफ  सड़को  पर , मंदिर के  चारो और अपने  हाथो में " "कश्मीर से  बाहर निकलो " "पाकिस्तान आतंक बंद करो ," "पाकिस्तान ही दुनिया में आतंक की जड़ है "  इस तरह से पाकिस्तान के   आतंकियों पर नारे लगा कर उसके  ऐसी हरकत का विरोध किया गया 

 प्रोग्राम  शुरू  होने से पहले  मनीष मक्कड़  जी ने अपने राज भोग रेस्तरॉ  की और से  उत्सव में आये सभी मेहमानों के लिये स्वादिष्ट  भोजन खिलाया। सनातन धर्म ने एक खास स्टेज भारत के किसी भी त्यौहार मनाने के लिए  बना रखी है।  कामनी खरे जी की संस्था   आई  ए  स सी  की  संस्थापक , सदस्य अतुल मकवानाचारू शिवकुमारदिपाल  मकवानानीला  पारिअंजना पटेलचित्रलेखा पासी, संजय दिघे रंजीत विश्वनाथवि विश्वनाथडिंपल मेहतादिलप्रीत  और सुशीला पारिख समिति सदस्यों ने की  उत्सव की शुरुआत की।   डॉक्टर  नेहरू,  रमेश महाजन , अली सज्जाद ने इस   संस्था  की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की और एक खुश दीवाली  के दर्शकों की कामना की।

श्री सुनील तूलानी  एक जाने माने जो होटल मोटल  के  मालिक  तथा एक व्योपारी  है।  भारतीय कम्युनिटी  में  उन्होंने अपना नाम कमाया है।  कामिनी खरे ने उन्हें मंच पर बुलाया। सुनील  तौलानी  ने अपने स्वागत भाषण में  दिवाली  की  शुभकामनाये भी दी।  उतसव पर आये लोगो को  अपने मीठे  शब्दो की मिठाई  बांटते  हुए सभी लोगो से  आग्रह  किया , जिसमे उन्होंने कहा ,  हमे सब लोगो को  एकता  से रहना  चाहिये। हमें  अमेरिका में जन्मे  बच्चो  को भारत देश के लिये प्रेम से औत प्रोत करते  हुए ,उनका पालन पोषण भारतीय संस्कारों  के अनुसार करना है ।  उन्होंने  फिर कहा ,  कामनी  जी की  आई  एस सी की संस्था भारती युवायो के लिए है।

 फिर कामिनी खरे ने अपनी संस्था से जुड़े सभी सदस्य की दर्शको  को पहचान करवाई।  फिर उन्होंने अवदेश  अग्रवालडॉकृष्ण रेड्डी, सुरेश तथा  , नलिनी भट्टीतथा  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  कैलिफ़ोर्निया के  संरक्षक का  धन्यवाद दिया।   सैम  गोस्वामीउच्च चमक जौहरी, रावजी भाई  पटेलरमेश महाजनडॉआरती शाहइश्कोंन  और नानक फ़ूड  शाना  राजपूत  ने  मिलकर दिवाली पर्व के  को सफल  बनाया। 

प्रोग्राम के मध्य में कामनी खरे ने कश्मीर  के वासी कैलिफ़ोर्निया  मे बसे  हुए डॉक्टर अमृत नेहरू को मंच पर विशेष रूप  से बुलाया।  उनको खास सम्मानित करते  हुए  भारत  के अटूट अंग कश्मीर राज्य में  हर हिन्दू संस्कार एवं दिवाली के उत्सव  को किस तरह मनाया जाता था उनका थोड़ा विवरण करने के लिए कहा । 

 डॉ नेहरू कश्मीर में, पाकिस्तान के दुवारा किस तरह से  दहशत  गर्दी  फैलायी  गयी,   अक्सर उन्हें  अपनी आँखों देखे   हाल  का विवरण करने के लिये  अमेरिका के हर उत्सव में बुलाये जाते है। उन्होंने सबसे पहले दर्शको को दिवाली  की शुभकानायें   दी।  फिर एक लम्बी सांस लेकर भराई  सी आवाज में बोले " बड़े दुःख की बात है कि कश्मीरी पंडित, कश्मीरी धरती ऋषि कश्यप की धरती  है।  हिन्दू जो वास्तव में  कश्मीर के मूलवासी है। जिनका कश्मीर  पर जन्मसिद्ध अधिकार है।  गुरु तेग बहादुर जी ने  न केवल पंडितो को  औरंगजेब जैसे दरिंदो से बचाया ही नहीं बल्कि पुरे हिंदुस्तान में  कमजोर लोगो की सहायता  की।  इसीलिये उनको हिन्द की चादर का ख़िताब दिया गया।  हिन्द  की चादर कहा करते है।  बाकी सब धर्म परवर्तित है। .उन्होंने इस बात का वर्णन किया कि पाकिस्तान ने  १९४७ से  ही कश्मीर को हथियाने की कोशिश करता  आ रहा हैं ।  धर्म  के नाम पर कश्मीरी  हिन्दुओ का कत्ले आम किया। कश्मीरी हिन्दू बेटियो का बलात्कार किया।  काया बताये काया काया नहीं किया। उस वक़्त  भारत की सेना शहरो में नही थी।  कश्मीर में भारतीय  सेना इन्ही हालातो से बुलाई गयी थी।  आज भी अगर  पत्थर बाजी बन्द हो जाए तो  तो कश्मीर की हर समस्या  का समाधान ढूंढा  जा सकता है। उन्होंने यह भी कहां " कश्मीर में दिवाली  कभी  बड़ी धूमधाम से मनाई जाती थी। " थोड़ी देर की  ख़ामोशी पर उन्होंने कहा " घर की याद बहूत आती है।  भारत के अन्य  राज्य  के लोग स्वपन में भी कभी  सोच नही सकते  की कैसे कैसे  अत्याचार  कश्मीरी  हिन्दू  के साथ  हुए है।  हम निकले नहीं है हमें  निकाला गया है। हमें  घरो से निकाल निकाल कर  सड़को पर मार गया हैं।  कियोंकि हम हिन्दू थे।   याद आता है वह डरावना मंजर  जब से ऋषि काश्यप की धरती कश्मीरी हिन्दुवो के खून से लाल  हुई और झेलम दरिया खून का दरिया बना दिया गया।  फिर  एक ख़ास सन्देश देते दर्शको से  कहा " चलो मोदी जी के साथ चले। आज दिवाली के शुभ अवसर पर एक कसम खाये, भारत देश को गुलाम नहीं  होने देंगे। हमारे पडोसी के द्वारा  फैलाई दहशद गर्दी को साफ करे " इतना कहने पर  हाल में तालिया बजने लगी।  पुरी सभा में वन्दे मातरम , भारत माता की जय , हिंदुस्तान जिन्दाबाद , के नारो से पूरा हाल गूंज उठा।  

जब तालिया रुकी तो फिर से शरू हो गया बहुत  ही प्यारे से  बच्चे ,किशोर ,और किशोरीयो ने , राम लक्षमण ,भीलनी शिरवी का ड्रामा नृत्य पेश किया । पुरा प्रोग्राम भारत के हर राज्य, कश्मीर पंजाब , उत्तरांचल  से लेकर  नागालैंड ,कन्याकुमार   की संस्कृति से जुड़ा हुआ था।  साबरी गिरीश कीर्तना दुवारा  उनके भावपूर्ण गायन के साथ अतिथि शिवानी  की कला बहुत सराहना भरी थी। ,एक और नये  मनोरजन का  अंश , पांच  तत्व  ग्रीन पृथिवी  की महत्तता  नृत्य के  रूप में पेश की गयी। . जिनके  नाम कुछ इसतरह से थे।  चैतन्य  रुद्रा ,सुदीप्ता घोष , असक्ष , अक्षता मनीगा पुडी , तारुणीका वैकेट ,, सहस्त्र  नन्दरू ,चैत्यना  रूद्र , देवोदिपी  घोष ,आनिया त्रिपाठी , केशमा चन्द्र , मिस्त्री तिवारी , किश जैन , आरुषी पाटील ,ईशा भंडारी ,प्रचीती  सोबनीस। समप्रीता चक्रवर्ती , नेहा मुनधन्दा ,  संदीपा  गुप्ता मंच में बैठे हर दर्शक ने हर प्रदर्शन कला की सराहना की। सबसे ज्यादा। 

दिवाली के त्यौहार पर सब नारियो ने लाल रंग के वस्त्र  पहने हुए थे। कामिनी जी से  पुछने पर पता चला की उन्होंने ने ही अपने सदस्यों को को लाल रंग की साड़ी , लाल रंग की चनिया चोली।  उनका कहना  था की लाल रंग   देवी आदिशक्ति का रंग है जो ख़ुशी तथा  शक्ति का रंग। लाल रंग  आग का भी रंग है जो बुरीयाईयो , को हटा कर  अचे ख्यालातों से धार्मिक ध्यान को शक्ति देती है। कामनी खरे बहूत ही निस्वार्थ , देशभगत नारी है। अक्सर लोग अपने कार्यक्रम में बाहर से किसी को इतनी महत्तता  नहीं देते।  लेकिन उन्होंने फिर भी भारतीय समुदाय के जाने माने लोगो को भी एक खास सम्मान दिया।

  प्रोग्राम के अन्त में  बाद कामनी खरे अपने सदस्य का धन्यवाद किया।  आखिर में एक और बात लिखना चाहते है कि।  अमेरिका की तीसरी पीढ़ी को भी बॉलीवुड के पूराने नगमो का ही शौक है।  उनका कहना है आज के नगमो में शोर ज्यादा और भावनाएं कम है।  बड़े ताजुब की बात है , मधुमती  का एक नगमा  कहा जाता है की  फिल्म "मधुमती "किसी ज़माने में बहुत मशहुर हुआ था।  लेकिन भी छोटी  छोटी किशोरी बालकीयो  सिवाकमरारन  ने  नागालैंड की पोशाक में इस नगमे के साथ " धीया रे  धीया चढ़ गयो पापी बिछुवा , ओये ओये , ओह सारे  बदन पर छा गयो पापी बिछुवा " 

शाम बड़ी ख़ुशी और उल्हास के साथ  गुजरी।  प्रोग्राम के अंत में सुनील तोलानी ने प्रोग्राम के सभी भागीदारो को प्रमाण वितरित किये।  मणि उत्कृष्ट डीजे से लोगो को हर ख़ुशी का ध्यान रखा।  अतुल मकवाना को सभी लोगो का धन्यवाद किया।
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