"पाकिस्तान झुठ , फरेब और दहशत गर्दी से बाहर निकलो"

 "पाकिस्तान  झुठ , फरेब  और दहशत  गर्दी  से बाहर  निकलो"

कमलेश चौहान (गौरी )
कॉपी राइट @कमलेश चौहान 

 
 अगर तुमने अपने ही घर में साँप न पाले होते यह सोच कर कि तुम पड़ोसी के  घर में ज़हर फैला कर सांप से बच जायोगे यह तुम्हारा अपने दिमाग का वहम था।  आज भी यह जानते हुए कि तुमने जो कब्र भारत में और कश्मीर में खोदी थी वह कब्र तुम्हारी ज़मीन पर मासूम माँ के बेगुनाह बच्चो के लिये बन गयी।  हम कश्मीरी हिन्दू जानते है , हम कश्मीरी हिन्दू उन हिन्दू कश्मीरी हिन्दू माँ के दुख जानते है जिसके बच्चो का अपहरण कर के उनके एक एक अंग को काट कर दुनिया में उनकी तस्वीरें लेकर अंतराष्ट्रीय मंच पर भारत पर अपने जुर्म का आरोप लगाया।  तब तो न भारती सरकार न ही भारती मीडिया बोल सका।   यह हमारे मीडिया की कायरता कह लो या बिका हुआ  मीडिया कह लो  हम कश्मीरी हिन्दू ऐसे मीडिया और ऐसी सरकार से शर्मनाक है। लेकिन जिस भारत को तुमने इतने घाव दिये आज तुम्हारे वतन में मासूम बच्चो के शव को देखकर पुरा भारत रोया।  पुरा भारतीय मीडिया रोया।  एक एक भारती युवा तथा बच्चा बच्चा रोया।  लेकिन तुमने इससे क्या सीखा ? कुछ नही सीखा।  उल्टा अपना चेहरा छिपाने के लिये भारत को ही बदनाम कर रहे हो ? तुम क्या देश में फैलायी दहशत गर्दी अपनी सरे ज़मीन से मिटा पायोगे? तुम तो खुद दहशत गर्दी के सौदागर हो।  आज गर पाकिस्तान न होता हर मुसलमान बच्चा , हर हिन्दु बच्चा तुम्हारी दहशत गर्दी का शिकार न होता। भारत अपने दिल मे बदले , धोखे नहीं परन्तु इन्सानियत पालता  है।  तुम्हारे  देश में हर  आतंकवादी आज  आज़ाद घूम रहा हैं। जागो और  नफरत फैलाकर मानवता का नाश मत करो , दुनिया  का भरोसा  तुमसे  उठ चुका है।  तुम्हारे पुर्वज हिन्दू थे यह तुम भूल चुके हो।  धरम के नाम पर तुम लोगो ने दुनिया भर में दहशत गर्दी फैला रखी है जबकि  हिन्दू अभी भी सोया हुवा है। तुमने हमारे  सिख भाइयो  को भी भड़काया  फिर लाहौर में हमारे सिख भाईयो  का इस्लाम को न कबूल करने पर उनका सर काट डाला ?  बहुत रूलाया तुने  भारत को और उसके रोने पर तुमने तालिया बजायी। लेकिन याद रहे  उसका  अन्जाम  आपकी  प्राइम मिनिस्टर भुट्टो ने भुगता फिर भी तुम कुछ नहीं सीखे। अपने घर  में फैलाये ज़हर का इल्ज़ाम पड़ोसी पर मत  लगायो।  अपना कूड़ा खुद  साफ करो।  धर्म के नाम पर ज़मीन  के टुकड़े मत  करो. (गौरी )

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

भारत माँ की आँखों के आंसू , शहीदों के नाम लेखिका : गौरी

नयी पीढ़ी , नयी फसल ,, नयी हड्डिया और पुराणी हड्डिया : Lekhika Gauri

देश की माताओं ,देश की बेटियों ,बढ़ायो कदम पुरुषों के संग:कमलेश चौहान (गौरी) COPY RIGHT AT: Kamlesh Chauhan ( Gauri