Posts

Showing posts from 2015
No Creativity in Bollywood Left? Or are they Lazy? Or they just want to mislead the people? Why to Copy Hollywood.  Dilwale is a Copy of Hollywood Movie title “Best Of Me”(Gauri)
It’s very easy for us to point fingers why Hindu protest against Bollywood Movies?. Now think Hard. Do we really hate Actors in the name of Race, Religion and Cast of the Actor? You know all the answer which is what? Its Big “ No” If Indian Hindus  ever had hated Actors for their Race and Religion then Sharukh Khan could not have been called Super, or King or Baadshah over a excellent Handsome Hrithik Roshan? Who is young and better Dancer, Actor and More talented than Sharu Khan?  If Hindus were  hated any one just becoz of the race and religion do u think   Waheeda Rehman, Nargis , Surya was adored by more  Hindus more than  any past Heroines even in old ear who are considered  good actresses and beautiful over many Hindu actresses . Madhubala was Muslim, Nargis was from Mix family, Meena Kumar was Muslims, …

Who are Real Hero mere Actors or Soldiers? Kamlesh Chauhan ( Gauri)

Who are Real Hero mere Actors or Soldiers? Kamlesh Chauhan ( Gauri)
Why we always make our movie actor our mentor, our hero or super hero? What they really do for us? Do they work free or do they serve the nation? Yes they work in the entertainment industry to make money, to get fame and name just like any other laborer in the world. What right they have to defame the nation they live in? Oh! Just becoz a public make them hero or super hero? King or Badshah?
Our Soldiers are dying every other day in the hands of Pakistan trained terrorists and we Indians in opposition parties are worrying about destroying India just becoz they have their own selfish agenda. They are foolishly against   ambitious, Aggressive, Hardworking Prime Minister who happens to be Hindus?  India has been Hindus for centuries and  we been invaded  by so many people due to our own humble, and trust in the fake friendships of invaders and our own personal animosity  among each other. Which is happening again now. …

घायल अपने मथुरा काशी ,घायल जमुना गंगा है:मनोज"मोजू"

घायल अपने मथुरा काशी ,घायल जमुना गंगा है
घायल अक्षरधाम हमारा घायल पड़ा तिरंगा है

घायल दिखता भारत माँ का उज्ज्वल सा वो भाल भी है
घायल दिखते पर्वत घाटी ,घायल नदिया ताल भी है
घायल केसर वाली घाटी , बौना है कानून जहा
भारत माँ के बेटो का ही बिखरा मिलता खून वहा
घायल अपनी मर्यादा और चोटिल संस्कार हुआ
लगता सूरज की किरणों पे जुगनू का अधिकार हुआ
उनकी तो गाली भी होती अभिव्यक्ति की आज़ादी
और हमारे भजनो पे भी रोक यहा पे लगवा दी
जनक के जैसे चीखे आती किले की प्राचीरों से
संशय मे पूछे क्या भूमि रिक्त हो गयी वीरो से
अपनी कायरता के कारण देखो ये क्या हाल हुआ
छलनी भारत माँ का आँचल घायल माँ का भाल हुआ
गीता रामायण पढ़ने की बात पे होता दंगा है .........
घायल अपने ......

घायल हुई है रामायण भी चिंतित दिखते राम अभी
दुश्मन के बाणो से खतरे मे लक्ष्मण के प्राण अभी
क्या रावण मनमाने ढंग से वेश बदल कर आयेगा
सीता जैसे भारत की बेटी को हर ले जाएगा
और कहा तक सहते रहना होगा अब उसके छल को
याद करो हे बजरंगी तुम भी अपने अतुलित बल को
चाहे कितने शीश हो दुश्मन के काटो अब गर्दन को
याद करो गोपाला के उस काली नाग के मर्दन को
हमको…

मेरा रोष यह पुजनीय साहित्यकारों को जिन्होंने हिन्दु नाम को कलंकित किया। : लेखिका :कमलेश चौहान (गौरी )

मेरा रोष यह पुजनीय साहित्यकारों को जिन्होंने हिन्दु नाम को कलंकित किया। 

 लेखिका :कमलेश चौहान (गौरी )
लेखक की कलम कभी एक वर्ग के लिये कागज के पनो को काला नही करती।  साहित्य की कलम इंसाफ के डगर पर चलती है।  परन्तु आज शरम से सर झुक गया की हमारे बड़े बड़े साहित्यकारो ने बिना सत्य जाने अपना साहित्य अकदमी का पुरस्कार ऐसे वापिस किया जैसे की मरने वाले ने गाय के बछड़े को  चुराकर मारा नहीं काटा नही।  यह बात मै मानती हुं दोषी को मारने का हक किसी भी इन्सान को नहीं।  किसी को भी कानुन अपने हाथों में   नहीं लेना चाहिये लेकिन हिन्दु को अपने देश में अपने हिन्दु को नफरत की नज़र से देखा  जाता है।  कोई कहता कश्मीर भारत का हिस्सा  नहीं   है , कश्मीर भारत  का है होगा । उसे मालूम नहीं है ? अरे नेता तुम्हे इंजीनियरिंग का सर्टिफिकेट लिया ,  लेकिन काश्यप ऋषि की धरती कश्मीर की पवित्र धरती के बारे नहीं मालूम ? अशोका दी ग्रेट की धरती कश्मीर का नहीं मालुम ? गुरु तेग बहादुर ने अपने हिन्दु जनता लिये क़ुरबानी दी तुम्हे उसका नही  मालुम ? धिक्कार है तुम्हारी ऐसी डिग्री पर। 
कलम को हथियार बनाकर अपने भारत को शर्मनाक …

हिन्दी कार्य: मानसिक नक़्शा --- परीक्षा

हिन्दी कार्य: मानसिक नक़्शा --- परीक्षा: MIND MAP परीक्षा 1. दीवानी पद की परीक्षा   2. उम्मीदवार आए, जिन्होंने अपने चरित्र को झूठे रुप में बढ़ा - चढ़ा कर दिखाने की कोशिश की। 3.  पद ...

बेवज़ह तेरी गली में : Copy right @Kamlesh Chauhan ( Gauri)लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी)

बेवज़ह  तेरी गली में

Copy right @Kamlesh Chauhan ( Gauri)
लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी)
कहाँ से लायू किताबे ज़ीस्त , कौन लिखेंगा तेरा नाम ? मेरे   हाथो की लकीरों में
अंधेरो से गिला क्या  करू , उदय होते ही   उजले सूरज से 
दोनों हाथ जल गए थे सवेरे में
दिल की दहलीज़ पर सदियों से जो सुबह की कायनात सी
ख़ामोशी  छाई थी
ले जाकर किनारे पर  साहिल ने चुपके से सागर में
खुद ही नाव डुबोई थी
चले ले कर रहगुजर में मीठे  खवाबो का काफिला
दो अजनबी इक  साथ
बिन सोचे, बेख्याल , मदहोश, बेकाबू  हिसारो में कैद
मासूम ज़ज्बात
याद आये  वोह  रविंशे-गर्दोबाद तेज़ हवा के झोंके
मेरे कदम बेवजह तेरी गली में ले गए
न जाने क्या हुवा यह तो है मेरी  रूह के पहचाने दरो दिवार
बेखुद नासुबरी आ गए
शौके -बे -माया ने तुझे भी  शायद  जा नींद से जगाया होगा
सुनी जो  शबेतार में कदम की आहट
मेरी आँखों में थी तेरी रोशनी शायद चाँद निकल आया होगा
हलके हलके बढ़ने  लगी  दिलो की चाहत
तुम्हारी वफ़ा को करू मै सजदे , तकरार पर भी
रोक लेते हो रास्ता मेरा
 मेरी भीगी पलकों को  यु  चूम कर  मस्ती  में  मुस्करा  देते हो
चुमते है लब  मेरे नाम तेरा
आस दिलाते हो उन पालो की तुम और मै  का सर…

Fir Tiranga Muskrata hai . Written by : Poet Jeffrey Partap

हटा नज़रे रूकसार ऐ यार से
के तुम्हे अब वतन बुलाता है
देश पे मरणो वालो का नाम
किताबो में लिखा जाता है
खुशनसीब हो तुम देश
के गर काम आ जाओ
शहीदों की मज़ारों पे
फिर तिरंगा भी मुस्करता ह
Jeffrey Partap

" The daughter of India " or Shall The daughter of the world Documentary

" The daughter of India " or Shall The daughter of the world  Documentary :Written by Kamlesh Chauhan ( Gauri) Rape is Universal Issue no doubt about it  . Every Nation has that problem .  Even developed nation like "U.S., Sweden, France, Canada, UK and Germany are the most immersed  in this crime." I am  glad at least in India people protest and India is also exposing such rapists .  When we look at the bigger picture  of crime against women , We cant undermine the crime in many part of Ethiopia.  What about Sri Lanka ?  Funny thing is rape was not crime in France until 1980.  Now come down to Germany " Germany is on the number six in the highest rape crime with the figures of 6,507.394 , Which is really big figure" United Kingdom is not behind in  violence and rape against women." in January 2013, the Ministry of Justice , Office for the National Statics  and Home office released its first ever joint office official statics bulletin on sexual violence…

ओह! शहीदो की जलती चिता को भुलने वालो :लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी )

ओह! शहीदो की जलती चिता को भुलने  वालो लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी )
Copyright@Kamlesh Chauhan(Gauri)
लगी यु गहरी चोट जिगर पर जब जब मेरा प्यारा वतन ज़ख़्मी हुआ।  किसी ने किये टुकड़े वतन के किसी ने राम का नाम बदनाम किया। ओह! शहीदो की जलती चिता को भुलने वालो देश के नादानों  सीमा पर गोली झेलने वालो की कुर्बानी का भी कभी सोचा  तुमने। कौमो ,मज़हबों पर बाँट दिया देश  हर गली में फैला दी अराज़कता  पहन ईमानदारी का फरेबी लिबास, चुपचाप  रहा  दुश्मनो को पालता।  माँ के पेट को काटने वालो  ,सुनो गौर से ताज़ को  निर्लज तोड़ने वालो    पंजाब भारत माँ का पेट कश्मीर है ताज हिमालय की और तकने वालो। इतनी जल्द भुल गये ?गोरी ,गजनवी के ज़ुलम सोमनाथ के चीख़ती आवाजें  तलवार की नोक पर धर्म को बदला हिंदुकुश में बहती माँ की मासुम औलादे लुटी कश्मीर में कश्मीरी हिन्दु माँ बेटी  की इज़्ज़त लाशें  जेहलम के लेहरो में फिर से कौन सियार चीखा है बाटने देश को  राजधानी दिल्ली के हर कोने में।  उठो देशवासियों  ! जागो रोक  लो  वतन को उत्थान से भयानक पतन की और ले कर वतन के लिये ज़ज़्बाये जिगर सुनो अर्जुन कृष्ण की वानी का मीठा हिलोर।  Note :भाईयो मुझे वाह  वाह…
दिल्ली तेरी यह आदत बहुत पुरानी है।

लेखिका : कमलेश चौहान (गौरी )

सदियों से चली आयी है दिल्ली की एक रीत
हुई दिल्ली  भंग दुश्मनों के संग  की तूने प्रीत

 तुम्हारी खोट बनी बल फिर से  दुश्मन की तलवार
लो शुरू हो गया भारत माता के सम्मान पर  वार

 आज की बात नही दिल्ली तेरी यह आदत सदियों पुरानी है
 कल भी की थी बर्बादी  तुने आज भी देश की तबाही ठानी है।

 सुना  है तेरे राज्य में आज भी आई है  गद्दारो की बहार
 मिलकर जो देश के टुकड़े  टुकड़े करने को  हुई तैयार ।

तु तो अपनी हो कर बनी दुश्मन तो अब गैरो से क्या गिला
वाह!मेरी दिल्ली दहशत गर्दो से तुम्हे इनाम अब झाडु मिला।
Copyright@Kamlesh Chauhan(Gauri)