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Showing posts from January, 2016

Pm of India another King of Korea King Jeongjo a ruler of Joseon Dynasty??. Written by Kamlesh Chauhan (Gauri)

Pm of India another King of Korea King Jeongjo a ruler of Joseon Dynasty??.Written by Kamlesh Chauhan (Gauri)
In 2013, I went to go see Modi ji who was Chief Ministers of Gujrat. Modi is a very good close friend of my good American activist, Author Richard Benkin and NRI activist Harish Dhruv whom I know for long time. I also remember when Modi ji came to USA a simple man wearing Khaddar Kurta Pajama with Jhola (Bag) hanging on his right shoulders. At that time he was ambitious activist who wanted to develop India and have high dreams to make India Shinning in the world. Its irony that some mischievous people Burned Godhra Train with  innocent Live Hindus men, Women and Children while Modi ji was just elected  Chief Minister who was not well aware of anything yet. There is Cause and there is an effect that what Gujrat riots all about is. Sadly Congress can’t take defeat graciously. When Modi ji requested a Para-military  when people of  Gujrat  reacted same way  after finding out the li…

Silent tears of my dad written by: Kamlesh Chauhan ( Gauri)

Silent tears of my dad Copyright@Memoires Journey 
Kamlesh Chauhan(Gauri)
Flawless pious radiance on your face Remind me those days when you use to laugh Whilst during the journey of your Karma I sit  by your bed, Watch pure soul God
Blessed us as my tiny body use to dance in your lap  Those were the days when small feet learn how to walk from your hand
Every time  I recall childhood memoirs big beam Come on my face Youth arrived on my door childhood Seems to fade

I mature young girl with words of ethics, Integrity was gifted to my mind and heart All your Children honored you, abide by you, Disobeyed You and Rebelled 
My Divine Papa , your love insight stay with us  In return you had no expectations  You were a man of  smile and Patience You were my aspirations 
2
Each one blunder in life , My father you have no errors in my eyes  You shower smile and hilarity whoever Walk in your life 
My father , Innocent father of mine ,The most dearest Dad of mine You wrapped in cotton wool all you children
Each one was shie…

एक तन्हा सा लम्हा : लेखिका कमलेश चौहान (गौरी )

एक  तन्हा सा लम्हा :  लेखिका कमलेश चौहान (गौरी )

गहरे सागर  की तरह थामकर खामोशियो का आँचल  ऐ  दिल  तू बहता  जा ,
डूबकर  गहराइयो के पर्दो में   छुपा कर  दरदे - दिल  को यु  गुन गनाता  जा। 

भूले से ज़ाहिर न कर देना  क्यों बेवज़ह  तन्हा दिल रात दिन  उदास रहता है ,
पुछे कोई वज़ह  जब  उदासियों की यू ही हसकर  ज़माने को भरमाता   जा। 

मत कहना भूले  से भी  , रिवाजों की तंग गलियों में , खो गया था तेरा प्यार 
 उमर की लकीरों में कोई दिलदार ही न मिला , हर सवाल  को टालता  जा। 

दिनभर लगा कहकहे , तन्हाईयो की काली रात में खामोश ऑंसू बहा लेना ,
दो कदमो की आहट हो जब दुनिया वालो की , यकदम आँसू पोछता जा। 

ज़िन्दगी के ऐसे  मोड़ पर   करके झूठे वादे   इस कदर  हर दोस्त रुस्वा हो गया ,
 ऐ मेरे बिछड़ने वालों करू कैसे बयान अब हमारा तो हर लम्हा तनहा हो गया। 


"मेरे आलोचक मेरे दर्शक है।  कृपया  आप हमारी सादगी भरी कलम की लेखनी की आलोचना कर सकते  है। "

Please do not manipulate, exploit any thought of this poem , In any form of this poem. Legal action will be taken . Copy right@ Kamlesh Chauhan (Gauri) 








हम विक्रम बदौरिया जी के बहुत धन्यवाद करते है । जिन्होंने हमारे सात जनम के बाद भाग पहला तथा दूसरे भाग के लिए हमारे उपन्यास की समीक्षा की. .

हम विक्रम बदौरिया जी के बहुत धन्यवाद करते है ।  जिन्होंने हमारे  सात जनम के बाद भाग पहला तथा दूसरे भाग के लिए हमारे उपन्यास की समीक्षा की. . 

कमलेश चौहान “गौरी" भारत के कश्मीर में जन्मी, पंजाब व लखनऊ और फिर इंदौर में पली बढ़ी, यह यूनानी संगमरमर की प्रतिमा सी छवि लिये सरल ह्रदया लेखिका कमलेश चौहान “गौरी" सत्तर के दशक में “ सात फेरों " के फेर में पड़ी और “सात समंदर पार " कर अमेरिका जा पहुँची .....जहाँ समय के उदधि में अन्यमनस्क सी तैरती , लहरों के थपेड़े खाती शैवाल सी  ,यह “head of the class "       की सिने तारिका “ आम्बी दा बूटा " और “ अनारकली " के नाट्य मंचों पर अपनी अभिनय प्रतिभा का आलोक विखेरती  यह नाट्य कला प्रवीणा अभिनेत्री , व नारी ह्रदय की कुशल चितेरी विदुषी महिला  आज एक लब्ध प्रतिष्ठ उपन्यासकारा ही नहीं वल्कि नारी ह्रदय की जलन पर शब्दों का मरहम लगाती  एक ख़ूब सूरत भावुक ह्रदया कवियत्री भी है ।
यही कारण है कि कमलेश चौहान “ गौरी " के उपन्यास लेखन की काव्य मय शैली वांगला भाषा के कालजयी व मूर्धन्य उपन्यासकार शरत चन्द्र व वंकिम चन्द्र चट्टोपाध्या…

एक एन आर अपने वतन की याद में खूब रोईं। शहीदों के शहीदी पर तड़पती गौरी लेखिका गौरी

कई बार सोचती हु जो कुछ लोग मुझे एन आर कह कर , विदेशी कह कर मुझ पर तनस कस्ते है   कि मैं पैसे के लालच में विदेश आ गयी(  जब की युवा अवस्था में ही मेरा बिना पुछे मेरे माँ बाप ने  मेरा विवाह कियाएक  भारती एन आर आई के साथ   और मुझे विदेश भेजा मैंने नही उन्हें कहा था की मै विदेश जाना चाहती हु)  और अकसर  भारत के रहने वाले  मुझपर तंस कस्ते है कि मेरा अधिकार नही भारत के बारे अच्छा बुरा कहने का। कई इन्सानो ने तो मुझे यहां तक कहा की गद्दार केजरीवाल मुझे अमेरिका में भी गिरफ्तार करवा सकते है।  अच्छा तो गद्दार केजरीवाल ने अपने पिल्लै विदेश में भी छोड़ रखे है? जब से मोदी जी का नाम भारत में  उत्पन हुआ  तब से कांग्रेस  और गद्दार केजरीवाल  खुद आये दिन भारत के पी  एम  को गली देते रहते है।  क्या इनका मुहं बंद करने वाला वाला कोई नहीं ? यह तो सी एम का पद को नहीं संभाल   सकता , यह देश को काया संभाल पायेंगा। यह साफ़ ज़ाहिर है की  यह देश के खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है ?  खैर मैं इसकी  गीदड़ धमकियों से नहीं डरती। मेरे नसीब में जो लिखा है उसको कोई टाल नहीं सकता। लेकिन इन नेताओं की उन  लोगो की ऐसी बाते मुझे भी सत्य कहन…